
सफेद गुलाब, सफेद लक्ष्मण बूटी और सफेद कनेर का संयोजन क्यों?
सफेद गुलाब का फूल, सफेद लक्ष्मण बूटी का फूल और सफेद कनेर का फूल—इन तीनों का संयोजन यानी कॉम्बिनेशन जरूरी है। इन तीनों के कॉम्बिनेशन से कुछ ऐसे तत्व प्राप्त होते हैं, जो आपके चेहरे को सफेद, गोरा, चमकदार और सुंदर बनाने में सहायक हो सकते हैं। इनका कॉम्बिनेशन जरूरी है, इसलिए हमने इन फूलों को चुना है।
ये फूल बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, जो त्वचा को प्राकृतिक निखार देने में अपनी भूमिका प्रदान करते हैं। इसलिए इन तीनों फूलों का संयोजन जरूरी है। इन तीनों फूलों के रस और अर्क से ही आप ऐसे तत्व प्राप्त कर सकते हैं, जो आपकी त्वचा के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। इसीलिए इन तीनों का संयोजन जरूरी है। यह प्रकृति में तीनों त्वचा के लिए एक संयोजन के रूप में बनाई गई हैं।
सफेद गुलाब का परिचय
सामान्य नाम: सफेद गुलाब हिंदी नाम: गुलाब अंग्रेजी नाम: White Rose वानस्पतिक नाम: Rosa spp. कुल: Rosaceae (रोज़ेसी)
सफेद गुलाब की पहचान
सफेद गुलाब का फूल एक ऐसी किस्म है, जिसके फूल का रंग सफेद होता है। इसकी पंखुड़ियों में सुगंधित तेल, फ्लेवोनॉयड और अन्य प्राकृतिक यौगिक तत्व पाए जाते हैं।
सफेद गुलाब के फूल के पारंपरिक उपयोग
इसका पारंपरिक उपयोग क्रीम, आयुर्वेदिक क्रीमों में किया जाता है। आयुर्वेदिक जेल और आयुर्वेदिक बॉडी लोशन में भी इसका उपयोग किया जाता है, ज्यादातर। और सफेद गुलाब का जल, जो चेहरे पर लगाने में भी उपयोग होता है।
सफेद लक्ष्मण बूटी का परिचय
सामान्य नाम: लक्ष्मण बूटी अन्य नाम: संजीवनी बूटी
यह उत्तर भारत में या इंडिया में कहीं पर मिल जाती है। हनुमान जी इस पर्वत से लेकर आए थे, जब उनका पर्वत गिर गया था जमीन पर। तब यह बूटी गिर गई थी। संजीवनी बूटी लेकर वह लक्ष्मण को जिंदा करने के लिए लाए थे। उसी पर्वत से गिरी हुई यह एक बूटी है, जिसका नाम है लक्ष्मण बूटी।
लक्ष्मण बूटी की पहचान
इस पर सफेद फूल लगते हैं और लाल पूरी फूल भी लगते हैं, लेकिन आपको सफेद फूल वाले उपयोग करने हैं। जो अधिकतर मिल जाती है, उस पर छोटी-छोटी पत्तियों में पत्ते लगते हैं और डंडी के आकार होती है। ग्रीन डंडी के आधार पर फूल लगते हैं।
सफेद कनेर के फूल का परिचय
सामान्य नाम: सफेद कनेर अन्य नाम: करवीर, करबीर, अश्वमारक अंग्रेजी नाम: Oleander वानस्पतिक नाम: Nerium oleander कुल: Apocynaceae (अपोसाइनेसी)
सफेद कनेर के फूल के पारंपरिक उपयोग
सफेद कनेर का फूल ज्यादातर धार्मिक स्थानों पर मिलता है, मंदिरों पर और भारत में कहीं पर भी मिल जाता है। यह मन को सुगंधित फूल होता है। इसकी बहुत ही मनमोहक खुशबू होती है, मन को भाने वाली इसकी खुशबू है। आयुर्वेदिक क्रीम, आयुर्वेदिक बॉडी लोशन, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी और धार्मिक कार्यों में भी इसका उपयोग होता है।
परिचय
चेहरे को साफ, मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनाए रखने के लिए लोग तरह-तरह के फेसवॉश, जेल, पता नहीं क्या-क्या इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनका चेहरा साफ और चमकदार होने की बजाय खराब हो जाता है। चेहरे की चमक चली जाती है। कॉस्मेटिक चीजें चेहरे को खराब कर देती हैं। आयुर्वेदिक विधि से जो बनाई गई क्रीम होती है, वह चेहरे को नेचुरल ग्लो प्रदान करती है।
आज इस Ayur Air साइट पर आपको इस आर्टिकल में बताया जाएगा कि हम सफेद गुलाब के फूल, सफेद लक्ष्मण बूटी और सफेद कनेर जैसे फूलों से अपनी त्वचा की देखभाल कैसे कर सकते हैं और यह फूल आपके चेहरे को गोरा, चमकदार, सॉफ्ट और मुलायम बनाने में कैसे सहायक हो सकते हैं।
आपको किस तरीके से इन फूलों से बनी हुई क्रीम का इस्तेमाल करना है, कैसे क्रीम बनानी है, क्या-क्या सावधानियां रखनी हैं, यह सब बातें इसमें ध्यानपूर्वक बताई गई हैं।
चेहरे को साफ, गोरा, चमकदार और सुंदर बनाने के लिए आयुर्वेदिक क्रीम क्यों?
अगर आप चेहरे को गोरा, चमकदार और सुंदर बनाना चाहते हो तो इन तीन फूलों के कॉम्बिनेशन से बनने वाली क्रीम का अगर आप उपयोग करोगे तो यह क्रीम आपके चेहरे को गोरा, बेदाग, सफेद, चमकदार बनाने में सहायक हो सकती है।
यह क्रीम आपके चेहरे पर नेचुरल ग्लोइंग और आपके चेहरे में जान डालने की एक टॉनिक बन सकती है। यह क्रीम बहुत ही बेस्ट आयुर्वेदिक तरीके से बनाई गई है, इसीलिए आयुर्वेदिक क्रीम ही जरूरी है चेहरे के लिए।
आयुर्वेदिक क्रीम में जो विधि होती है, यानी जो आयुर्वेदिक क्रीम होती है, वह आयुर्वेदिक तरीके से बनाई जाती है। यह क्रीम हमने आयुर्वेदिक तरीके से बनाई है। जो आयुर्वेदिक क्रीम होती है, वह इसलिए जरूरी होती है, वह नेचुरल, प्राकृतिक ग्लोइंग, प्राकृतिक निखार, प्रकृति द्वारा प्रदत्त निखार होता है, उसे प्रदान करने में सहायक हो सकती है।
आयुर्वेदिक क्रीम में किसी भी केमिकल्स का उपयोग नहीं होता है, केमिकल्स उपयोग नहीं होते हैं, जिससे आपके चेहरे पर कोई साइड इफेक्ट नहीं पड़ता है। आपका चेहरा नेचुरल रहता है। आपका चेहरा समय से पहले बूढ़ा नहीं दिखता है, यानी आपके चेहरे पर झाइयाँ, झुर्रियाँ समय से पहले नहीं पड़ती हैं। आपका चेहरा जवान बनाए रखने में आयुर्वेदिक क्रीम सहायक होती है।
इनमें पीएच लेवल और जो एलिमेंट्स, तत्व होते हैं, उनको देखते हुए क्रीम को बनाया जाता है और प्रकृति के द्वारा जो चीजें वह आयुर्वेदिक क्रीम में शामिल की जाती हैं। इसलिए आयुर्वेदिक क्रीम आपकी केयर के लिए जरूरी है। आपके चेहरे को प्राकृतिक तरीके से जीने के लिए आयुर्वेदिक क्रीम ही जरूरी है।
आयुर्वेदिक क्रीम बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
सफेद गुलाब के फूल सफेद कनेर के फूल सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल बादाम का तेल विटामिन ई का एक कैप्सूल एलोवेरा जेल आयुर्वेदिक कॉर्न स्टार्च
सफेद गुलाब के फूल का अर्क और जल कैसे बनाएं?
सबसे पहले आपको लगभग 100 ग्राम सफेद गुलाब के फूल लेने हैं। इसके बाद फूलों की पंखुड़ियों को अलग कर लें और उन्हें एक साफ स्टील के भगोने में डाल दें। अब भगोने में इतना पानी डालें कि गुलाब की पंखुड़ियाँ पानी में अच्छी तरह डूब जाएँ।
इसके बाद भगोने के बीच में एक स्टील की छोटी कटोरी उल्टी करके रख दें, यानी कटोरी का मुंह नीचे की ओर रहे। इसके ऊपर एक दूसरी स्टील की कटोरी सीधी रख दें, जिसका मुंह ऊपर की ओर रहे। यही कटोरी बाद में गुलाब जल को एकत्र करने के काम आएगी।
अब भगोने को एक ऐसे कांच के ढक्कन या कांच के पात्र से ढक दें, जिसके बीच का हिस्सा अंदर की ओर थोड़ा गहरा हो। इसके बाद कांच के ढक्कन के ऊपर कुछ बर्फ के टुकड़े रख दें।
अब इस पूरे बर्तन को धीमी आँच पर रखें। धीरे-धीरे पानी गर्म होने लगेगा और गुलाब की पंखुड़ियों वाले पानी से भाप उठेगी। यह भाप ऊपर जाकर ठंडे कांच के ढक्कन से टकराएगी और पानी की बूंदों में बदल जाएगी। ये बूंदें नीचे रखी हुई सीधी कटोरी में गिरती रहेंगी।
इस प्रक्रिया को धीमी आँच पर धीरे-धीरे चलने दें। जब आपको लगे कि गुलाब की पंखुड़ियाँ अच्छी तरह पक चुकी हैं और उनका रंग तथा सुगंध पानी में आ गई है, तब बर्तन को आँच से उतार लें।
जो पानी कांच के ढक्कन से टकराकर सीधी रखी कटोरी में एकत्र हुआ है, उसे गुलाब जल के रूप में लिया जा सकता है।
वहीं भगोने में गुलाब की पंखुड़ियों के साथ जो पानी बचा है, उसे छानकर गुलाब का अर्क कहा जा सकता है।
Note
इसी प्रकार अन्य फूलों से भी जल और अर्क तैयार किया जा सकता है। सफेद लक्ष्मण बूटी के फूलों से अर्क और जल तैयार करने के लिए 50 ग्राम सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल लें और इसी विधि के अनुसार अलग से उनका अर्क और जल तैयार करें। इसी प्रकार सफेद कनेर के फूलों से अर्क और जल तैयार करने के लिए 50 ग्राम सफेद कनेर के फूल लें और इसी विधि के अनुसार उनका अर्क और जल भी अलग-अलग तैयार करें। सभी फूलों का अर्क और जल एक साथ न बनाकर अलग-अलग तैयार करें।
सफेद गुलाब के फूल, सफेद कनेर के फूल और सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल का अर्क और जल बनाते समय आवश्यक सावधानियाँ
जल और अर्क जल्दी तैयार करने के लिए प्लास्टिक के बर्तन का उपयोग करें। प्लास्टिक के बर्तन के ढकने का कोई सिस्टम न लें। अगर ऊपर का कांच का पात्र है तो उसमें प्लास्टिक नहीं होनी चाहिए, जो ढकने का पात्र है।
और सभी का अलग-अलग पात्र में जल और अर्क बनाएं, एक ही पात्र में नहीं।
पात्र अच्छी तरह से धुले हुए, साफ-सुथरे होने चाहिए।
जो भी पात्र आप उपयोग करें, वह पात्र स्टील के होने चाहिए और किसी धातु के नहीं।
आयुर्वेदिक क्रीम बनाने की विधि
हमने सबसे पहले सफेद गुलाब के फूल, सफेद कनेर के फूल और सफेद लक्ष्मण बूटी के फूलों से अर्क और जल तैयार किया था। वह कितना भी तैयार हुआ हो, लेकिन उसमें से उतनी ही मात्रा लेनी है, जितनी इस विधि में बताई गई है। बचा हुआ अर्क और जल उचित तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है।
क्रीम के लिए आवश्यक सामग्री
मात्रा
सफेद गुलाब का जल 3 ग्राम सफेद गुलाब का अर्क 2 ग्राम सफेद कनेर के फूल का जल 3 ग्राम सफेद कनेर के फूल का अर्क 2 ग्राम सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल का जल 3 ग्राम सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल का अर्क 2 ग्राम एलोवेरा जेल 10 ग्राम बादाम का तेल 2 ग्राम कॉर्नस्टार्च 2 ग्राम विटामिन E 1 कैप्सूल कुल लगभग 30 ग्राम बनाने की विधि सबसे पहले एक साफ कांच की कटोरी लें। इसमें 2 ग्राम सफेद गुलाब का अर्क डालें। इसके बाद इसमें 10 ग्राम एलोवेरा जेल डालकर प्लास्टिक के चम्मच की सहायता से धीरे-धीरे अच्छी तरह मिलाएं। अब इसमें 2 ग्राम सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल का अर्क डालें और धीरे-धीरे चम्मच से मिलाते रहें। इसके बाद 2 ग्राम सफेद कनेर के फूल का अर्क डालकर उसी प्रकार धीरे-धीरे मिलाएं। अब इस मिश्रण में 2 ग्राम कॉर्नस्टार्च डालकर अच्छी तरह मिला लें, ताकि मिश्रण में गांठें न रहें। इसके बाद एक स्टील की कड़ाही लें और उसमें लगभग 400 ग्राम पानी डालें। कड़ाही को गैस पर रखकर पानी गर्म करें। जब पानी में अच्छी तरह उबाल आने लगे, तब तैयार मिश्रण को कांच की कटोरी से निकालकर एक स्टील की कटोरी में ले लें। अब स्टील की कटोरी को चिमटे की सहायता से इस प्रकार पकड़कर उबलते हुए पानी के ऊपर रखना है कि कटोरी की तली उबलते हुए पानी की सतह को हल्के से स्पर्श करती रहे। ध्यान रखें कि उबलता हुआ पानी कटोरी के अंदर न जाए। कटोरी को इसी प्रकार सावधानी से पकड़े रखें। इसके बाद स्टील के चम्मच की सहायता से मिश्रण को धीरे-धीरे लगातार चलाते रहें। नीचे उबलते हुए पानी की गर्मी से मिश्रण गर्म होता रहेगा और उसमें मौजूद अतिरिक्त नमी धीरे-धीरे कम होती जाएगी। लगातार चलाते रहने से मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगेगा। जब मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए, तब कटोरी को चिमटे की सहायता से सावधानीपूर्वक गर्म पानी के ऊपर से हटा लें और कुछ देर ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें 2 ग्राम बादाम का तेल और 1 विटामिन E कैप्सूल का तेल डालें। दोनों को मिश्रण में अच्छी तरह मिला लें। अब बचा हुआ सफेद गुलाब का जल, सफेद कनेर के फूल का जल और सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल का जल धीरे-धीरे इस मिश्रण में डालते जाएं और साथ-साथ चम्मच से लगातार मिलाते रहें। जल को धीरे-धीरे मिलाने और चम्मच से लगातार चलाने से मिश्रण की बनावट क्रीम जैसी होने लगेगी। जब सभी सामग्री अच्छी तरह मिल जाएं और मिश्रण एक समान तथा क्रीम जैसी बनावट का हो जाए, तब आपकी आयुर्वेदिक क्रीम तैयार हो जाएगी। तैयार क्रीम को साफ और सूखे, एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें।
आयुर्वेदिक क्रीम में पाए जाने वाले तत्व और उनके लाभ
सफेद गुलाब का फूल
सफेद गुलाब के फूल में Quercetin, Ellagic Acid, Astragalin जैसे योगी पाए जाते हैं, जो बहुत ही उपयोगी होते हैं। सफेद गुलाब के फूलों में Tyrosinase मेलानिन बनने की प्रक्रिया का एक प्रमुख एंजाइम है। यह मेलानिन बनने की प्रक्रिया को कम करता है।
इस कारण यह सफेद गुलाब का फूल गोरापन में सहायक हो सकता है। अगर हमारे द्वारा बताए गए तरीके से इसका उपयोग करोगे, जैसा हमने बताया उस तरीके से विधि अनुसार, तो यह सफेद गुलाब का फूल Pigmentation में भूमिका निभा सकता है।
इससे त्वचा में निखार की प्रक्रिया की जा सकती है।और Natural गोरेपन की प्राप्ति की जा सकती है।
सफेद कनेर के फूल
सफेद कनेर के फूल में Oleandrin, Cardiac Glycosides, जिनमें Oleandrin जैसे यौगिक शामिल हैं, जो मेलानिन को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
मेलानिन कम हो जाएगा तो आपको गोरेपन को पाने में इससे आपको मदद मिल सकती है।
सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल
सफेद लक्ष्मण बूटी के फूल में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो आपकी त्वचा के निखार के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। आपकी त्वचा को मुलायम बनाने में इसमें से पाए जाने वाले तत्व सहायक हो सकते हैं।
यानी आपके चेहरे को गोरा, सफेद, मुलायम और सॉफ्ट बनाने में पाए जाने वाले तत्वों में लक्ष्मण बूटी की भूमिका बहुत ही सहायक है।
आयुर्वेदिक क्रीम का इस्तेमाल कैसे करें
आयुर्वेदिक क्रीम का इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लेना है। आयुर्वेदिक शॉप की जगह हमारे द्वारा बनाए गए आयुर्वेदिक फेसवॉश से अपने चेहरे को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद आयुर्वेदिक क्रीम को चेहरे पर लगाएं, तो आप बेहतरीन रिजल्ट पाओगे। अगर आप ऐसा करोगे तो आपका चेहरा और भी सुंदर, चमकदार, मुलायम और सॉफ्ट बनाने में यह विधि सहायक सिद्ध हो सकती है। जब भी आप आयुर्वेदिक क्रीम चेहरे पर लगाएं, तो नहाने के बाद लगाएं। या जिस दिन आप नहीं नहाते हैं, उस दिन आयुर्वेदिक फेसवॉश से अपने चेहरे को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद चेहरे पर क्रीम लगाएं। और चेहरे पर क्रीम लगाने के बाद इसे 24 घंटे तक लगा रहने दें। और जब भी आप आयुर्वेदिक क्रीम को अपने चेहरे पर लगाएं, तो एक लेयर में लगाएं। थोड़ा नहीं लगाएं, थोड़ा ज्यादा-सा लगाएं। उसे इस तरीके से लगाएं कि आपका चेहरा साफ-साफ दिखना चाहिए कि आपके चेहरे पर क्रीम लगी हुई है। थोड़ी ज्यादा लगाएं। पहले आपको ऐसा लगेगा कि चेहरे पर अलग से दिखाई दे रही है, लेकिन धीरे-धीरे वह आपकी बॉडी उसे ऑब्जर्व कर लेगी, यानी वह आप चेहरे की स्किन में समा जाएगी। कोई कुछ भी बोले कि आपने कितनी क्रीम लगा ली, आपको इतनी क्रीम नहीं लगानी चाहिए, आपका चेहरा दूर से दिखाई दे रहा है, कुछ लोग चिढ़ाते हैं कि कितनी क्रीम लगा ली—तो इन बातों को इग्नोर करते हुए आपको क्रीम लगानी है।
क्रीम लगाने के बाद ध्यान देने योग्य निम्न बातें
क्रीम लगाकर जैसे ही आपने क्रीम लगा दी, उसके बाद आपको चेहरे पर ऑयल नहीं लगाना है और किसी अन्य पदार्थ का प्रयोग न करें। पाउडर या किसी अन्य प्रोडक्ट का भी उपयोग न करें।
क्रीम आपने लगा ली तो चेहरे पर लगभग 24 घंटे तक पानी न आने दें, चाहे आपको पसीना आए या नहीं। लेकिन चेहरे को न धोएँ। 24 घंटे तक चेहरे पर पानी न लगाएँ। यानी दूसरे दिन जब आप नहाते हैं, उसी दिन इसका उपयोग करना है।
24 घंटे बाद अगर आपको अच्छा रिजल्ट लेना है, तो जल्दी-जल्दी चेहरे को न धोएँ और बताए गए तरीके के अनुसार ही क्रीम का उपयोग करें। जब आप इस क्रीम का उपयोग कर रहे हों, तब आपको चेहरे पर ग्लो या चेहरे की चमक बढ़ाने वाली कोई भी अंग्रेजी दवा नहीं खानी है।
और न ही आपको किसी दूसरी विधि का उपयोग करना है या साथ-साथ चेहरे पर कोई अन्य चीज लगानी है। इस क्रीम का उपयोग करते समय केवल इसी विधि का पालन करें।
क्रीम को हमने बहुत लोगों पर उपयोग किया है, जिसका अक्सर अच्छा और बेहतर परिणाम हमें देखने को मिला है।
हमारी बॉडी में मेलेनिन नामक तत्व होता है। यह क्रीम उसे कम करने में सहायता प्रदान करती है। अगर यह बॉडी में से कम हो जाए, तो गोरापन, चमकीलापन और सुंदरता आ सकती है। क्रीम को हमने बहुत लोगों पर उपयोग किया है, जिसका अक्सर अच्छा और बेहतर परिणाम हमें देखने को मिला है।
हमारी बॉडी में मेलेनिन नामक तत्व होता है। यह क्रीम उसे कम करने में सहायता प्रदान करती है। अगर यह बॉडी में से कम हो जाए, तो गोरापन, चमकीलापन और सुंदरता आने में सहायता प्रदान करती है।
यह क्रीम कितने दिन चलेगी?
एक व्यक्ति अगर इसे उपयोग करता है, तो यह क्रीम लगभग 10 दिन चलेगी।
आयुर्वेदिक क्रीम को कौन-कौन उपयोग कर सकता है?
इस आयुर्वेदिक क्रीम का उपयोग कोई भी व्यक्ति कर सकता है, चाहे महिला हो, पुरुष हो, लड़की हो, किशोर हो, किशोरी हो या कोई भी हो।
क्रीम को कहाँ तक 10 दिन तक स्टोर करें और सुरक्षित रखें?
क्रीम को 10 दिन तक आपको फ्रिज में रखना है। फ्रिज में रखने से इसकी अवधि बढ़ेगी और यह 10 दिन तक चलेगी। यानी 10 दिन तक आप इसे उपयोग कर सकते हैं। इसमें कोई प्रिज़र्वेटिव नहीं है, यह आयुर्वेदिक है।
नोट
अगर आपको इस विधि को समझने में कोई परेशानी हो या कोई सामग्री नहीं मिल पा रही हो, तो आप Ayur Air साइट पर दिए गए WhatsApp नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। आप घर बैठे आवश्यक सामग्री या यह क्रीम भी प्राप्त कर सकते हैं।