
अगर बालों को शाइनी, मजबूत, घना और लंबा बनाना है, तो हमारी आयुर्वेदिक विधि तेल बनाएं । इससे आपके बाल मजबूत, मुलायम, चमकदार और आकर्षक बनेंगे। आज की दिनचर्या में बाल केवल बाल नहीं हैं, बल्कि व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बाल व्यक्ति के जीवन का मुखौटा हैं। यह जीवन को सुंदर ढंग से जीने का एक अद्भुत साधन हैं। बालों से समझौता करना सही नहीं है। प्रकृति के हिसाब से चलो, तो प्रकृति तुम्हारे हिसाब से चलेगी। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ मत करो और बालों के साथ भी छेड़छाड़ मत करो। आपको बालों की ग्रोथ पर ध्यान देना है। इसलिए आज हम आपको बालों के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।
बालों को शाइनी कैसे बनाएं
बालों को घना कैसे बनाएं
बालों को मजबूत कैसे बनाएं
बालों की देखभाल कैसे करें
आवश्यक सामग्रियां-
हम आपको एक महीने का नुस्खा बनाने की विधि बता रहे हैं। इसे आप कम से कम एक महीने तक लगा सकते हैं।
100 ग्राम पिसी हुई देसी मेथी (साग वाली मेथी)
100 ग्राम पिसा हुआ काला भृंगराज
100 ग्राम अनियन (प्याज) का रस
50 ग्राम नीम जल
100 ग्राम गुड़हल के फूल
500 ग्राम शुद्ध सरसों का तेल (मिश्रण पकाने के लिए)
इन सभी को एक लोहे के पात्र में मिला लें। मिलाने के बाद इन्हें लगभग आधे घंटे के लिए रखा रहने दें।
फिर एक लोहे की कढ़ाई लें। कढ़ाई साफ-सुथरी होनी चाहिए, जिसमें किसी भी प्रकार की चिकनाहट न हो। ध्यान देने योग्य बात यह है कि कढ़ाई लोहे की ही होनी चाहिए, किसी अन्य धातु की नहीं। उसमें उपयोग होने वाला चमचा या अन्य पात्र भी लोहे का ही होना चाहिए। कढ़ाई मोटी होनी चाहिए, पतली नहीं। कढ़ाई का पेंदा भी मोटा होना चाहिए।
अब उस कढ़ाई को हीटर पर या गैस पर धीमी आंच में रखें। जैसे ही कढ़ाई गर्म हो जाए, उसमें 500 ग्राम ओरिजिनल सरसों (मस्टर्ड) का तेल डाल दें। जब सरसों का तेल हल्का-सा गर्म हो जाए, तब लोहे के पात्र में मिलाकर रखा गया मिश्रण उसमें डाल दें।
इसके बाद इसे धीरे-धीरे, मंद आंच पर पकाएं। जब तेल आपको पका हुआ लगे, तब इसे उतार लें। ध्यान रखें कि इसे जलाना नहीं है। पकाते समय सावधानी रखें। इसे सामान्य तरीके से पकाना है, सब्जी की तरह तेज आंच पर भूनना या जलाना नहीं है।
जब यह अच्छी तरह पक जाए, तब इसे उतारकर उसी लोहे की कढ़ाई में लगभग 72 घंटे तक रखा रहने दें।
इसके बाद लोहे की कढ़ाई के अंदर से लोहे के चमचे की सहायता से इस तेल को कांच की बोतल या कांच के पात्र में भर लें। ध्यान देने योग्य बात यह है कि पात्र कांच का ही होना चाहिए, किसी अन्य धातु का नहीं।
फिर इसका उपयोग करें। बालों को पहले आयुर्वेदिक शैम्पू से धो लें। बाल धोने के बाद इस तेल को बालों की जड़ों में लगाएं। इससे आपके बालों में शाइन, चमक, मजबूती और घनापन आएगा।
अब हम आपको बताएंगे कि इस तेल में उपयोग किए गए प्रत्येक पदार्थ और रस के क्या-क्या गुण हैं, वे आपके बालों के लिए क्या कार्य करते हैं, कितने प्रोटीन प्रदान करते हैं, कौन-कौन से लाभकारी विटामिन उपलब्ध कराते हैं, आपकी स्कैल्प में नमी पहुंचाने में कैसे सहायता करते हैं तथा ये सभी पदार्थ आपके बालों को कितना पोषण प्रदान करते हैं।
मेथी
मेथी प्राचीन काल से आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी मानी जाती है। इसमें कई पोषक तत्व होते हैं जो बालों को लाभ पहुंचाते हैं। इसमें प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं।
यह सिर की त्वचा को पोषण देने में सहायक होती है। बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में सहायक होती है। बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में सहायक होती है। रूखे और बेजान बालों की देखभाल में प्रयोग की जाती है। सिर की त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार होती है। बालों के टूटने और झड़ने को रोकने में सहायक होती है।
काला भृंगराज
काला भृंगराज आयुर्वेद में बहुत ही पौष्टिक माना जाता है, जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है और सिर की त्वचा को स्वस्थ रखता है। इसके प्रयोग से बालों में मजबूती, चमक और शाइन बनी रहती है। बाल मजबूत बनते हैं। यह छोटे बालों को बढ़ने में सहायक होता है। यह बालों को जड़ों से उगाने वाला राजा कहलाता है। यह बालों को जड़ों से उगाने का कार्य करता है। छोटे-छोटे बालों को बढ़ने में सहायता करता है और बालों को पोषण देकर उन्हें बड़ा करता है।
काले भृंगराज में
कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन D, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। काले भृंगराज को आयुर्वेद में केशराज अर्थात बालों का राजा कहा जाता है। यह सिर की त्वचा को स्वस्थ रखता है। रूसी और खुजली की समस्या को दूर करने में सहायक होता है। बालों को प्राकृतिक रंग प्रदान करता है। दोमुंहे और टूटे हुए बालों की देखभाल में सहायक होता है।
प्याज का रस
प्याज के रस में प्राकृतिक रूप से सल्फर होता है, जो बालों को उगाने में कार्य करता है अर्थात बालों के पुनर्विकास में सहायक होता है। सल्फर बालों की जड़ों को पोषण देता है और बालों को मजबूती प्रदान करता है।
प्याज में पाए जाने वाले तत्वों
में सल्फर, विटामिन C, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन तथा एंटीऑक्सीडेंट तत्व शामिल हैं।
प्याज का रस बालों की जड़ों को पोषण प्रदान करने में सहायक होता है। बालों को मजबूत और घना बनाए रखने में सहायक होता है। बालों में प्राकृतिक रूप से चमक प्रदान करता है। सिर की त्वचा को स्वस्थ रखता है। बालों को मुलायम और सॉफ्ट बनाए रखने में सहायक होता है।
नीम जल
नीम जल एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल होता है। यह सिर की त्वचा की देखभाल करता है। इसमें पाए जाने वाले तत्वों में
निम्बिडिन, विटामिन E, विटामिन C, कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम शामिल हैं। यह प्राकृतिक एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल यौगिकों से बना होता है।
यह बालों की जड़ों को स्वस्थ वातावरण प्रदान करता है। इसके अलावा यह सिर की त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने को नियंत्रित करता है। बालों की नियमित देखभाल में सहायक होता है।
गुड़हल के फूल
गुड़हल के फूल आयुर्वेद में लाभकारी माने जाते हैं। इनके फूलों और पत्तियों में कई पोषक तत्व होते हैं, जो बालों को जड़ों से मजबूती प्रदान करते हैं। बालों को सुंदर, घना और आकर्षक बनाने में सहायक होते हैं।
गुड़हल के फूलों में
कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन A, विटामिन C, अमीनो अम्ल तथा प्राकृतिक पोषक तत्व होते हैं।
इसका प्रयोग आयुर्वेदिक हेयर केयर और बालों की देखभाल में अधिक किया जाता है।
समस्याओं का समाधान
नीम जल आप कहां से लें? यदि आपको नीम जल लेने में असमर्थता आती है, तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। हम आपकी सहायता कर सकते हैं।
गुड़हल के फूल भी आपको गुड़हल के पौधे से मिल जाएंगे।
चेतावनी
सरसों के तेल में इस मिश्रण को पकाएं। किसी दूसरे पदार्थ के तेल का उपयोग न करें।
नोट:
सभी सामग्री बाजार से ओरिजिनल और अच्छी गुणवत्ता की ही लें। यदि आपको किसी भी सामग्री की पहचान करने, जांचने या परखने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। हम आपकी सहायता करने का प्रयास करेंगे।